संवाददाता- दीपक सिंह रावत
कोटद्वार । न्यायालय से जारी गैर-जमानती वारंटों की तामीली को लेकर पौड़ी पुलिस ने कड़ा रुख अपना लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) पौड़ी सर्वेश पंवार के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कोतवाली कोटद्वार पुलिस ने अलग-अलग 8 मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे 6 वारंटियों को विभिन्न स्थानों से दबोच लिया। सभी गिरफ्तार वारंटियों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।

अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार मनोज कुमार ठाकुर के निर्देशन एवं पुलिस उपाधीक्षक कोटद्वार अस्मिता ममगाईं के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोटद्वार ने फरार वारंटियों की धरपकड़ के लिए कई पुलिस टीमों का गठन किया था। पुलिस टीमों ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने के साथ ही आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी। सटीक सुरागरसी और दबिश के बाद पुलिस ने आबकारी, जुआ और 138 एनआई एक्ट (चेक बाउंस) से जुड़े मामलों में वांछित चल रहे छह वारंटियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।
गिरफ्तार वारंटियों का विवरण:
चन्दन सिंह पुत्र गोविन्द सिंह, निवासी गाड़ीघाट, कोटद्वार (वाद संख्या 2017/2025, धारा 60 आबकारी अधिनियम)।
विनोद भाटिया पुत्र खुशाल चन्द भाटिया, प्रोपराइटर मैसर्स सिद्धबली मोबाइल शॉप, स्टेशन रोड, कोटद्वार; स्थायी निवासी काशीरामपुर मल्ला, कोटद्वार (वाद संख्या 1606/2022, धारा 138 एनआई एक्ट)।
अजय प्रकाश पुत्र आकाश, निवासी लकड़ीपड़ाव (रसीदिया मस्जिद के पास), कोटद्वार (वाद संख्या 669/2026 व 267/2025, धारा 13 जुआ अधिनियम)।
जितेन्द्र पुत्र स्व. बचन सिंह, निवासी ग्राम नन्दपुर, पट्टी मोटाढांक, कोटद्वार (वाद संख्या 2368/2023, धारा 138 एनआई एक्ट)।
आदेश चौधरी पुत्र स्व. विद्यारतन, निवासी गौड़ चक्की, मवाकोट, कोटद्वार (वाद संख्या 3421/2023, धारा 138 एनआई एक्ट)।
श्रीमती सीमा पत्नी विनय नेगी, निवासी दुर्गापुरी (शनिदेव मंदिर के पास), मोटाढांक, कोटद्वार (वाद संख्या 1960/2022, धारा 138 एनआई एक्ट)।
सराहनीय कार्य करने वाली पुलिस टीम:
उपनिरीक्षक शैदुल बहार, उपनिरीक्षक शोयब अली, उपनिरीक्षक वेद प्रकाश, मुख्य आरक्षी राकेश आजाद, मुख्य आरक्षी सुनील मलिक, मुख्य आरक्षी करण, आरक्षी अनूप, आरक्षी कुलदीप, आरक्षी सुरेश शाह तथा महिला आरक्षी करिश्मा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करने वालों और फरार वारंटियों के खिलाफ धरपकड़ अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा।






