कोटद्वार:
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और शहर के चर्चित जिम संचालक मोहम्मद दीपक कुमार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी अंतरिम राहत मिली है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर (FIR) पर आगे की दंडात्मक कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला बजरंग दल के कुछ सदस्यों और एक मुस्लिम दुकानदार के बीच हुए विवाद से जुड़ा हुआ है। इसी विवाद के सिलसिले में दीपक कुमार के खिलाफ भी FIR दर्ज की गई थी।
अपने खिलाफ दर्ज इस FIR को रद्द करवाने के लिए दीपक ने शुरुआत में उत्तराखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज करते हुए FIR रद्द करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद, दीपक ने हाईकोर्ट के इसी आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला:
सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने निम्नलिखित निर्देश दिए:
नोटिस जारी: अदालत ने मामले में शामिल सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है।
जवाब तलब: कोर्ट ने सभी पक्षों को अपना जवाब दाखिल करने के लिए 4 सप्ताह का समय दिया है।
कार्रवाई पर स्टे: सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि जब तक इस मामले में जवाब दाखिल नहीं हो जाते और अगली सुनवाई नहीं होती, तब तक विवादित FIR के संबंध में दीपक कुमार के खिलाफ आगे की सभी कानूनी कार्यवाहियां स्थगित रहेंगी।






