देहरादून/कोटद्वार | 09 जुलाई 2026
उत्तराखंड के कोटद्वार क्षेत्र के निवासियों के लिए एक बड़ी और सुखद खबर सामने आई है। लंबे समय से प्रतीक्षित लालढांग–चिल्लरखाल मोटर मार्ग के निर्माण का मार्ग अब पूरी तरह प्रशस्त हो गया है। उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्माण कार्य पर लगी रोक हटाए जाने के बाद, राज्य सरकार ने इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए तेजी से कदम उठाए हैं।

वन विभाग का बड़ा फैसला
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में, वन विभाग ने लोक निर्माण विभाग (PWD) को इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए कार्यदायी संस्था नामित कर दिया है। इस आधिकारिक निर्णय के साथ ही अब सड़क निर्माण से संबंधित प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाओं में तेजी आएगी, जिससे निर्माण कार्य के शीघ्र प्रारंभ होने की राह खुल गई है।
क्षेत्रीय विकास के लिए मील का पत्थर
यह सड़क मार्ग केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि कोटद्वार और आसपास के क्षेत्रों के विकास की जीवन रेखा है। इस मार्ग के बनने से होने वाले प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:
* बेहतर कनेक्टिविटी: कोटद्वार का हरिद्वार और देहरादून से सीधा और सुगम संपर्क स्थापित होगा।
* आर्थिक और व्यावसायिक विकास: मार्ग निर्माण से स्थानीय स्तर पर व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
* पर्यटन को बढ़ावा: सुगम आवागमन से क्षेत्र में पर्यटन के नए अवसर सृजित होंगे।
* सामाजिक उत्थान: दूरस्थ क्षेत्रों के निवासियों को स्वास्थ्य और अन्य आपातकालीन सेवाओं तक त्वरित पहुंच प्राप्त होगी।
नेतृत्व की दृढ़ इच्छाशक्ति
इस उपलब्धि पर उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष एवं कोटद्वार की विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि यह मार्ग क्षेत्र की जनता की वर्षों पुरानी और अत्यंत महत्वपूर्ण मांग थी।राज्य सरकार ने उच्चतम न्यायालय में इस परियोजना का पक्ष अत्यंत प्रभावी ढंग से रखा। मैं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी जी का हृदय से आभार व्यक्त करती हूँ, जिन्होंने इस जनहितैषी परियोजना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।”
ऋतु खण्डूडी भूषण, विधानसभा अध्यक्ष
विधानसभा अध्यक्ष ने विश्वास दिलाया कि सभी औपचारिकताएं समयबद्ध तरीके से पूरी कर जल्द ही निर्माण कार्य धरातल पर नजर आएगा। उन्होंने कहा कि इस मार्ग के निर्माण से कोटद्वार के समग्र विकास को एक नई और सशक्त दिशा मिलेगी।
जनता में उत्साह
इस खबर के बाद कोटद्वार और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों में काफी उत्साह है। वर्षों के संघर्ष और कानूनी अड़चनों के बाद इस परियोजना को हरी झंडी मिलना क्षेत्रवासियों के लिए एक बड़ी जीत मानी जा रही है। अब सभी की निगाहें निर्माण कार्य के शिलान्यास और उसकी प्रगति पर टिकी हैं।








